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भगवान चित्ररथ गंधर्व

अगर गांड़ा जाति के लोगों का वंशज एक भगवान है फिर क्यों हम लोगों से छुआछूत हुआ और हो रहा है???
अपना मंतव्य अवश्य बताएं।

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गांड़ा जाति के गोत्र

& गांड़ा जाति के गोत्र 01) महानदिया :---( महानंद, नंदे, नंद, नंदी, सरित, सरिता, राजकमल)  02) सागर:-- ( भारतसागर, भारसागर, भवसागर, भरासागर,शिवसागर, क्षीरसागर)  03) कोहार:-- ( कुम्हार, कुम्भकार, कोहार, कोहर, कोमहार, कोहारा)  04) सोनवा:--( सोनवानी, सोनी, सोना, सोनकर, सुनार, सोनार)  05) टंड़िया:-- ( टांडिया, तांडिया, टाण्डवा, तांण्डवा, तांण्डव, तडि़या, टाण्डे, टांण्डी, ताण्डे, तांण्डी, टांण्डव, टूडू)  06) छूरा:-- ( छूरिया, तलवार, अस्तूर, अस्तुरे, अस्तुरी, नायक )  07) लोहा:-- ( लोखण्डे, लोहाण्डी, लोहार, लाखड़, लाख, विश्वकर्मा )  08) दीप:-- ( द्वीप, दिया, जयदीप, कुलदीप, दिहाई, दियासलाई, दीपक,)  09) बाघ:-- ( बघेल, बाघा, बाघे, बाघमार, बाघमा, बाघम्मा, बघवा, बाघबा )  10) बेसरा:-- बेसन, बैश, बैसना, बेशरम, बेशान्त, बिसरु, बिसरा, बैसर, बिसाव)  11) शेरवा:-- ( सिँग, सिँघ, सारुवा, शेरुवा, सरोवा, सरवा, सर्वा ,सर्राव,)  12) बिँझवा :-- ( बिँझवार, बिँझिया, बिँधिया, बिँदिया, बिँझावा, बिँझारा, बिँदया )  13) महिप:-- ( महिपाल, गजपाल,...
गांड़ा जाति अनुसूचित जाति वर्ग में आने वाली दूसरी सबसे बड़ी जाति। यह छत्तीसगढ़ के अलावा मध्यप्रदेश झारखण्ड और ओडिशा में बहुतायत संख्या में निवास किया जाता है। पहले यह जाति शादी एवं अन्य कार्यक्रमों में वाद्ययंत्र बजाने का विशेष कार्य करते थे, शायद इसी कारण यह जाति गीत और संगीत में समृद्ध है। इसके अलावा गांव में कोटवारी और बुनकर का भी काम किया जाता रहा है। इस जाति के अधिकांश लोग (लगभग 70%) चौहान, देवदास और गंधर्व उपजाति का प्रयोग करते हैं और बाकी अपने गोत्र को उपजाति के रूप में प्रयोग करते हैं। Website- www.youthtrustofganda.blogspot.com Email- YouthTrustofGanda@gmail.com